आजादी
भारत को आजाद हुए आज 26665 दिन हो गए है । इन 26665 दिनों में भारत और दुनिया में बहुत कुछ बदल गया है। यहाँ westland wapiti से लेकर राफेल तक बहुत कुछ बदला । लेकिन इन बदलाव के बावजूत जो आज भी नहीं बदला वो है सोच । सोच उन बेटियों के प्रति । जो इन लोगो की नजर में कभी ऊपर उठ ही नहीं पाई। अगर विचार किया जाये की क्या हमारे देश की बेटी आजाद हो पाई है । वो आजद हो पाई उस सोच से जो लोग उसके प्रति रखते है। इन लोगो की नजर से देखा जाये तो कभी-कभी लगता है कि बेटी होना ही पाप है इन लोगो के हिसाब से बेटी कभी ना पढ़े तो अनपढ़ जाहिल। पढ़ लिख ले तो पढाई का घमण्ड। शादी ना करे तो भदजलन नक़्क्चड़ी शादी करले तो अब आया ऊँट पहाड़ के नीचे सब से मिलकर रहे तो चालाक हो गई। मिल कर ना रहे तो तो घमंडी हो गई। पढ़ लिख कर यदि शादी करके बच्चे सँभाल ले तो क्या फायदा हुआ पढाई का। कोई नोकरी करले तो देखो पर निकल गए। ये सब हमारे लिए और हमारे समाज के लिए बड़ी शर्म की बात है कि हमने इन बेटियों के लिए कितने मापदंड बना रखे है। कालेजा तो उस वक़्त फट कर बहार आ जाता है जब कई माँ-बाप भी इन सब में शामिल हो जाते है। वो माँ जिस पर ...