मेरे भारत की बेटी
आज का हमारा जो शीर्षक है इसकी प्रेरणा मुझे और मेरी टीम को गुंजन सेक्ससेना फिल्म के गाने ' भारत की बेटी ' से मिली है जिसे बोल दिए है अरिजीत सिंह ने और जिसे लिखा है कौसर मुनीर ने तथा जिसे संगीत दिया है अमित त्रिवेदी जी ने। आज के आर्टिकल में हम प्राचीन समय से होते आये अन्यायों से करते है । शुरुआत करते है एक सच्ची घटना से। साल था 1890 फूलमणि नाम की एक 10 साल की लड़की का हरिमोहन नाम 30 साल के एक सक्स ने बलत्कार कर दिया। और फिर जब सामाजिक दबाव आया तो उन सक्स ने उस बच्ची से शादी कर ली। क्योंकि आज के भी किसी कानून में अपनी पत्नी के साथ कोई जोर जबर दस्ती करने पर किसी प्रकार की कोई सजा नहीं है ।तो उस समय तो कानून ही बहुत कमजोर था तो उसको क्या सजा मिलती। इस मुद्दे को पंडिता रमा बाई , आनन्दी गोपाल जोसी जैसी समाज सेवी महिलाओं ने इस मुद्द्दे को खाफी जोर सोर से उठाया। इन सब की बदौलत 1891 में एक कानून बना की किसी भी लड़की की सहमति से शारीरिक संबन्ध बनाने की उम्र 12 वर्ष होगी। लेकिन हद तो तब हो गई जब बाल गंगाधर तिलक जैसे महान नेता ने भी इसका विरोद करते हुए कहा कि यह हमारी संस्कृति...