Posts

Showing posts from September, 2020

मेरे भारत की बेटी

Image
  आज का हमारा जो शीर्षक है इसकी प्रेरणा मुझे और मेरी टीम को गुंजन सेक्ससेना फिल्म के गाने ' भारत की बेटी ' से मिली है जिसे बोल दिए है अरिजीत सिंह ने और जिसे लिखा है कौसर मुनीर ने तथा जिसे संगीत दिया है अमित त्रिवेदी जी ने। आज के आर्टिकल में हम प्राचीन समय से होते आये अन्यायों से करते है । शुरुआत करते है एक सच्ची घटना से। साल था 1890  फूलमणि नाम की एक 10 साल की लड़की का हरिमोहन नाम 30 साल के एक सक्स ने बलत्कार कर दिया। और फिर जब सामाजिक दबाव आया तो उन सक्स ने उस बच्ची से शादी कर ली। क्योंकि आज के भी किसी  कानून में अपनी पत्नी के साथ कोई जोर जबर दस्ती करने पर किसी प्रकार की कोई सजा नहीं है ।तो उस समय तो कानून ही बहुत कमजोर था तो उसको क्या सजा मिलती। इस मुद्दे को पंडिता रमा बाई , आनन्दी गोपाल जोसी जैसी समाज सेवी महिलाओं ने इस मुद्द्दे को खाफी जोर सोर से उठाया।  इन सब की बदौलत 1891 में एक कानून बना की किसी भी लड़की की सहमति से शारीरिक संबन्ध बनाने की उम्र 12 वर्ष होगी। लेकिन हद तो तब हो गई जब बाल गंगाधर तिलक जैसे महान नेता ने भी इसका विरोद करते हुए कहा कि यह हमारी संस्कृति...

आपका अपना कोन है।

Image
                                हमें ये प्रश्न काफी बार परेशान करता है कि हमारा अपना कोन है। क्या जिसके साथ हमारा खून का रिश्ता है वो हमारा अपना है या फिर हमारे मित्र हमारे अपने है। या फिर जो हमारे साथ काम करते है वो  हमारे अपने है।या फिर जो हमारे साथ पड़ते है वो हमारे अपने है। जी नहीं असा नहीं है हमारे अपने वो है जो दुःख की घडी में हमारा साथ नहीं छोड़ता है हमारे साथ खड़ा रहता है । कहते है अपनों के साथ समय का पता नहीं चलता। पर अपना कोन है इसका पता भी समय पैर ही पता चलता है आपका अपना वो नहीं जो हमको अच्छा लगता है । या जिसे हम अपना मानते है। हमारा अपना वो है जिसे हम अचे लगते है। जो हमको अपना मानता है । कई लोग मानते है आजकल कोई अपना अपना नहीं है पर ये सच नहीं है। क्योंकि जिसे हम अपना मानके बैठ जाते है। उसका हमारे लिए अपना पन ही नहीं होता। और जो हमको अपना मानता है हम उसकी कद्र ही नहीं करते हमको लगता है ये तो हमारे पास  है ही ये कही नहीं जाने वाला हम उसे पहचान ही नहीं पाते है। हमें ये अहसास ही नहीं होता है...